बारिदनाद जेठ सुत तासू

चौपाई ४, दोहा १८० के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

बारिदनाद जेठ सुत तासू। भट महुँ प्रथम लीक जग जासू॥ जेहि न होइ रन सनमुख कोई। सुरपुर नितहिं परावन होई॥ ४ ॥

अर्थ

मेघनाद रावण का बड़ा लड़का था, जिसका जगत् के योद्धाओं में पहला नंबर था। रण में कोई भी उसका सामना नहीं कर सकता था। स्वर्ग में तो [उसके भय से] नित्य भगदड़ मची रहती थी।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “रावण का जन्म, ऐश्वर्य और अत्याचार” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १८० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रावण, कुंभकर्ण आदि के जन्म, तपस्या से प्राप्त ऐश्वर्य और तीनों लोकों पर अत्याचार का वर्णन है।

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रावण का जन्म, ऐश्वर्य और अत्याचार