बरषा रितु रघुपति भगति तुलसी सालि
बरषा रितु रघुपति भगति तुलसी सालि
दोहा १९ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
बरषा रितु रघुपति भगति तुलसी सालि सुदास। राम नाम बर बरन जुग सावन भादव मास॥ १९ ॥
अर्थ
श्रीरघुनाथजी की भक्ति वर्षा-ऋतु है, तुलसीदासजी कहते हैं कि उत्तम सेवकगण धान हैं और राम नाम के दो सुन्दर अक्षर सावन-भादों के महीने हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “रामनाम की महिमा” प्रकरण का दोहा १९ है। इस प्रकरण में रामनाम की सर्वोच्च महिमा और कलियुग में नाम-स्मरण के कल्याणकारी प्रभाव का वर्णन है।
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रामनाम की महिमा