बन उपबन बापिका तड़ागा
बन उपबन बापिका तड़ागा
चौपाई ४, दोहा ८६ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
बन उपबन बापिका तड़ागा। परम सुभग सब दिसा बिभागा॥ जहँ तहँ जनु उमगत अनुरागा। देखि मुएहुँ मन मनसिज जागा॥ ४ ॥
अर्थ
वन-उपवन, बावली-तालाब और सब दिशाओं के विभाग परम सुन्दर हो गये। जहाँ-तहाँ मानो अनुराग उमड़ रहा है, जिसे देखकर मरे हुओं के मन में भी कामदेव जाग उठा।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “कामदेव का भस्म होना” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ८६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में कामदेव का शिव की तपस्या भंग करने हेतु प्रस्थान और शिव के क्रोध से उनका भस्म का वर्णन है।
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कामदेव का भस्म होना