बाजहिं बाजन बिबिध बिधाना

चौपाई ३, दोहा १०१ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

बाजहिं बाजन बिबिध बिधाना। सुमनबृष्टि नभ भै बिधि नाना॥ हर गिरिजा कर भयउ बिबाहू। सकल भुवन भरि रहा उछाहू॥ ३ ॥

अर्थ

अनेकों प्रकार के बाजे बजने लगे। आकाश से नाना प्रकार के फूलों की वर्षा हुई। शिव-पार्वती का विवाह हो गया। सारे ब्रह्माण्ड में आनन्द भर गया।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “शिवजी का विवाह” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १०१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शिव-पार्वती के दिव्य विवाह और समस्त लोकों में उत्सव का वर्णन है।

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शिवजी का विवाह