बधुन्ह समेत कुमार सब रानिन्ह सहित

दोहा ३५२ · बालकाण्ड

दोहा पाठ

बधुन्ह समेत कुमार सब रानिन्ह सहित महीसु। पुनि पुनि बंदत गुर चरन देत असीस मुनीसु॥ ३५२ ॥

अर्थ

बहुओं समेत सब कुमार और रानियों सहित राजा बार-बार गुरुजी के चरणों की वन्दना करते हैं और मुनीश्वर आशीर्वाद देते हैं।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “बारात का अयोध्या लौटना” प्रकरण का दोहा ३५२ है। इस प्रकरण में विवाह के बाद बारात का नववधुओं सहित अयोध्या लौटना और नगर में आनंदोत्सव का वर्णन है।

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बारात का अयोध्या लौटना