अब जनि देइ दोसु मोहि लोगू

चौपाई २, दोहा २७५ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

अब जनि देइ दोसु मोहि लोगू। कटुबादी बालकु बधजोगू॥ बाल बिलोकि बहुत मैं बाँचा। अब यहु मरनिहार भा साँचा॥ २ ॥

अर्थ

अब लोग मुझे दोष न दें। यह कड़ुआ बोलनेवाला बालक मारे जाने के ही योग्य है। इसे बालक देखकर मैंने बहुत बचाया, पर अब यह सचमुच मरने को ही आ गया है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद” प्रकरण का चौपाई २, दोहा २७५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम के मध्य तीखा संवाद तथा परशुराम का शांत होना का वर्णन है।

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श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद