तेहि अवसर आए लखन मगन प्रेम

दोहा १० · अयोध्याकाण्ड

दोहा पाठ

तेहि अवसर आए लखन मगन प्रेम आनंद। सनमाने प्रिय बचन कहि रघुकुल कैरव चंद॥ १० ॥

अर्थ

उसी समय प्रेम और आनन्द में मग्न लक्ष्मणजी आये। रघुकुल कैरव चंद श्रीरामचन्द्रजी ने प्रिय वचन कहकर उनका सम्मान किया।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “राज्याभिषेक की तैयारी, देवताओं की प्रार्थना” प्रकरण का दोहा १० है। इस प्रकरण में रामराज्याभिषेक की तैयारी और देवताओं द्वारा सरस्वतीजी से वनगमन हेतु प्रार्थना का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
राज्याभिषेक की तैयारी, देवताओं की प्रार्थना