सुनि रघुबर बानी बिबुध देखि भरत
सुनि रघुबर बानी बिबुध देखि भरत
दोहा २३२ · अयोध्याकाण्ड
दोहा पाठ
सुनि रघुबर बानी बिबुध देखि भरत पर हेतु। सकल सराहत राम सो प्रभु को कृपानिकेतु॥ २३२ ॥
अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी की वाणी सुनकर और भरतजी पर उनका प्रेम देखकर समस्त देवता उनकी सराहना करने लगे [और कहने लगे] कि श्रीरामचन्द्रजी के समान कृपा के धाम प्रभु और कौन हैं ?
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “राम द्वारा लक्ष्मण को भरत की महिमा” प्रकरण का दोहा २३२ है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा लक्ष्मण को शांत करके भरतजी के निष्कलुष प्रेम और धर्मनिष्ठा की महिमा का वर्णन है।
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राम द्वारा लक्ष्मण को भरत की महिमा