सीय सहित सुत सुभग दोउ देखि
सीय सहित सुत सुभग दोउ देखि
दोहा ७६ · अयोध्याकाण्ड
दोहा पाठ
सीय सहित सुत सुभग दोउ देखि देखि अकुलाइ। बारहिं बार सनेह बस राउ लेइ उर लाइ॥ ७६ ॥
अर्थ
सीतासहित दोनों सुन्दर पुत्रों को देख-देखकर राजा अकुलाते हैं और स्नेहवश बार-बार उन्हें हृदय से लगा लेते हैं।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “दशरथ से विदाई, सीता का अटल निश्चय” प्रकरण का दोहा ७६ है। इस प्रकरण में राम, सीता और लक्ष्मण द्वारा दशरथ से वन-गमन की विदाई और सीता के अटल निश्चय का वर्णन है।
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दशरथ से विदाई, सीता का अटल निश्चय