सचिवँ उठाइ राउ बैठारे

चौपाई ४, दोहा ७६ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

सचिवँ उठाइ राउ बैठारे। कहि प्रिय बचन रामु पगु धारे॥ सिय समेत दोउ तनय निहारी। ब्याकुल भयउ भूमिपति भारी॥ ४ ॥

अर्थ

‘श्रीरामचन्द्रजी पधारे हैं’, ये प्रिय वचन कहकर मन्त्री ने राजा को उठाकर बैठाया। सीता सहित दोनों पुत्रों को देखकर राजा बहुत व्याकुल हुए।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “दशरथ से विदाई, सीता का अटल निश्चय” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ७६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राम, सीता और लक्ष्मण द्वारा दशरथ से वन-गमन की विदाई और सीता के अटल निश्चय का वर्णन है।

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दशरथ से विदाई, सीता का अटल निश्चय