सिबि दधीचि हरिचंद कहानी

चौपाई ३, दोहा ४८ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

सिबि दधीचि हरिचंद कहानी। एक एक सन कहहिं बखानी॥ एक भरत कर संमत कहहीं। एक उदास भायँ सुनि रहहीं॥ ३ ॥

अर्थ

वे शिबि, दधीचि और हरिचंद्र की कहानी एक-एक से कहकर बखानते हैं। एक भरत जी की सम्मति बताते हैं। एक उदास भाव से सुनकर रह जाते हैं।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “राम-दशरथ संवाद, कैकेयी को समझाना” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ४८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-दशरथ संवाद, अयोध्या का विषाद और कैकेयी को मनाने का असफल प्रयास का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
राम-दशरथ संवाद, कैकेयी को समझाना