सत्यसंध पालक श्रुति सेतू
सत्यसंध पालक श्रुति सेतू
चौपाई २, दोहा २५४ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
सत्यसंध पालक श्रुति सेतू। राम जनमु जग मंगल हेतू॥ गुर पितु मातु बचन अनुसारी। खल दलु दलन देव हितकारी॥ २ ॥
अर्थ
वे सत्यप्रतिज्ञ हैं और वेद की मर्यादा के रक्षक हैं। श्रीराम का अवतार ही जगत् के कल्याण के लिये हुआ है। वे गुरु, पिता और माता के वचनों के अनुसार चलनेवाले हैं। दुष्टों के दल का नाश करनेवाले और देवताओं के हितकारी हैं।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “श्रीवसिष्ठजी का भाषण” प्रकरण का चौपाई २, दोहा २५४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में चित्रकूट की सभा में वसिष्ठजी द्वारा धर्म, मर्यादा और भरत-भक्ति पर दिए गए मार्गदर्शक वचनों का वर्णन है।
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श्रीवसिष्ठजी का भाषण