सानुज पठइअ मोहि बन कीजिअ सबहि

दोहा २६८ · अयोध्याकाण्ड

दोहा पाठ

सानुज पठइअ मोहि बन कीजिअ सबहि सनाथ। नतरु फेरिअहिं बंधु दोउ नाथ चलौं मैं साथ॥ २६८ ॥

अर्थ

छोटे भाई शत्रुघ्न समेत मुझे वन में भेज दीजिए और [अयोध्या लौटकर] सबको सनाथ कीजिए। नहीं तो किसी तरह भी, यदि आप अयोध्या जाने को तैयार न हों, हे नाथ! दोनों भाइयों को लौटा दीजिए और मैं आपके साथ चलूँ।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “श्रीराम-भरतादि का संवाद” प्रकरण का दोहा २६८ है। इस प्रकरण में सभा में श्रीराम और भरत के बीच धर्म, राज्य और पितृ आज्ञा विषयक गंभीर संवाद का वर्णन है।

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श्रीराम-भरतादि का संवाद