समाधानु करि सो सबही का

चौपाई ३, दोहा ३९ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

समाधानु करि सो सबही का। गयउ जहाँ दिनकर कुल टीका॥ राम सुमंत्रहि आवत देखा। आदरु कीन्ह पिता सम लेखा॥ ३ ॥

अर्थ

सब लोगों का समाधान करके (किसी तरह समझा-बुझाकर) सुमन्त्र वहाँ गये, जहाँ सूर्यकुल के तिलक श्रीरामचन्द्रजी थे। श्रीरामचन्द्रजी ने सुमन्त्र को आते देखा तो पिता के समान समझकर उनका आदर किया।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “दशरथ-कैकेयी संवाद, सुमंत्र का राम को बुलाना” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ३९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में दशरथ-कैकेयी संवाद, दो वरों की माँग और सुमंत्र द्वारा श्रीराम को महल में बुलाने का वर्णन है।

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दशरथ-कैकेयी संवाद, सुमंत्र का राम को बुलाना