सकल कथा तिन्ह सबहि सुनाई

चौपाई ३, दोहा ११० के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

सकल कथा तिन्ह सबहि सुनाई। बनहि चले पितु आयसु पाई॥ सुनि सबिषाद सकल पछिताहीं। रानी रायँ कीन्ह भल नाहीं॥ ३ ॥

अर्थ

उन्होंने सब कथा सब लोगों को सुनाई कि पिताजी की आज्ञा पाकर ये वन को चले हैं। यह सुनकर सब लोग दुःखित हो पछता रहे हैं कि रानी-राजा ने अच्छा नहीं किया।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “प्रयाग में भरद्वाज से भेंट” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ११० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में प्रयाग में भरद्वाज मुनि से श्रीराम की भेंट और यमुनातट निवासियों के प्रेम का वर्णन है।

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प्रयाग में भरद्वाज से भेंट