सचिव सत्य श्रद्धा प्रिय नारी

चौपाई २, दोहा १०५ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

सचिव सत्य श्रद्धा प्रिय नारी। माधव सरिस मीतु हितकारी॥ चारि पदारथ भरा भँडारू। पुन्य प्रदेस देस अति चारू॥ २ ॥

अर्थ

उस राजाका सत्य मन्त्री है, श्रद्धा प्यारी स्त्री है और माधव सरीखे हितकारी मित्र हैं। चार पदार्थों से भण्डार भरा है और वह पुण्यमय प्रदेश ही उस राजाका सुन्दर देश है।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “प्रयाग में भरद्वाज से भेंट” प्रकरण का चौपाई २, दोहा १०५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में प्रयाग में भरद्वाज मुनि से श्रीराम की भेंट और यमुनातट निवासियों के प्रेम का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
प्रयाग में भरद्वाज से भेंट