तेहि दिन भयउ बिटप तर बासू

चौपाई १, दोहा १०५ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

तेहि दिन भयउ बिटप तर बासू। लखन सखाँ सब कीन्ह सुपासू॥ प्रात प्रातकृत करि रघुराई। तीरथराजु दीख प्रभु जाई॥ १ ॥

अर्थ

उस दिन पेड़ के नीचे निवास हुआ। लक्ष्मणजी और सखा गुह ने [विश्राम की] सब सुव्यवस्था कर दी। प्रभु श्रीरामचन्द्रजी ने सबेरे प्रातःकाल की सब क्रियाएँ करके जाकर तीर्थराज प्रयाग के दर्शन किये।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “प्रयाग में भरद्वाज से भेंट” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १०५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में प्रयाग में भरद्वाज मुनि से श्रीराम की भेंट और यमुनातट निवासियों के प्रेम का वर्णन है।

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प्रयाग में भरद्वाज से भेंट