रायँ राम राखन हित लागी
रायँ राम राखन हित लागी
चौपाई १, दोहा ७८ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
रायँ राम राखन हित लागी। बहुत उपाय किए छलु त्यागी॥ लखी राम रुख रहत न जाने। धरम धुरंधर धीर सयाने॥ १ ॥
अर्थ
राजा ने श्रीरामचन्द्रजी को रखने के लिये छल छोड़कर बहुत-से उपाय किये। धर्मधुरंधर, धीर और सयाने लोगों ने रामजी का रुख देखकर जान लिया कि वे ठहरने वाले नहीं हैं।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “दशरथ से विदाई, सीता का अटल निश्चय” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ७८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राम, सीता और लक्ष्मण द्वारा दशरथ से वन-गमन की विदाई और सीता के अटल निश्चय का वर्णन है।
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दशरथ से विदाई, सीता का अटल निश्चय