राम राज अभिषेकु सुनि हियँ हरषे
राम राज अभिषेकु सुनि हियँ हरषे
दोहा ८ · अयोध्याकाण्ड
दोहा पाठ
राम राज अभिषेकु सुनि हियँ हरषे नर नारि। लगे सुमंगल सजन सब बिधि अनुकूल बिचारि॥ ८ ॥
अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी का राज्याभिषेक सुनकर सभी स्त्री-पुरुष हृदय में हर्षित हो उठे और विधि को अनुकूल समझकर सब सुन्दर मङ्गल-साज सजाने लगे।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “राज्याभिषेक की तैयारी, देवताओं की प्रार्थना” प्रकरण का दोहा ८ है। इस प्रकरण में रामराज्याभिषेक की तैयारी और देवताओं द्वारा सरस्वतीजी से वनगमन हेतु प्रार्थना का वर्णन है।
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राज्याभिषेक की तैयारी, देवताओं की प्रार्थना