रचहु मंजु मनि चौकें चारू
रचहु मंजु मनि चौकें चारू
चौपाई ४, दोहा ६ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
रचहु मंजु मनि चौकें चारू। कहहु बनावन बेगि बजारू॥ पूजहु गनपति गुर कुलदेवा। सब बिधि करहु भूमिसुर सेवा॥ ४ ॥
अर्थ
सुन्दर मणियों के मनोहर चौक पुरवाओ और बाजार को तुरंत सजाने के लिये कह दो। श्रीगणेशजी, गुरु और कुलदेवता की पूजा करो और भूदेव ब्राह्मणों की सब प्रकार से सेवा करो।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “राज्याभिषेक की तैयारी, देवताओं की प्रार्थना” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रामराज्याभिषेक की तैयारी और देवताओं द्वारा सरस्वतीजी से वनगमन हेतु प्रार्थना का वर्णन है।
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राज्याभिषेक की तैयारी, देवताओं की प्रार्थना