प्रेम मगन तेहि समय सब सुनि
प्रेम मगन तेहि समय सब सुनि
दोहा २७४ · अयोध्याकाण्ड
दोहा पाठ
प्रेम मगन तेहि समय सब सुनि आवत मिथिलेसु। सहित सभा संभ्रम उठेउ रबिकुल कमल दिनेसु॥ २७४ ॥
अर्थ
उस समय सब लोग प्रेम में मग्न हैं। इतने में मिथिलापति जनकजी को आते हुए सुनकर सूर्यकुलरूपी कमल के सूर्य श्रीरामचन्द्रजी सभासहित आदरपूर्वक जल्दी से उठ खड़े हुए।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “जनकजी का चित्रकूट आगमन, सबका मिलन” प्रकरण का दोहा २७४ है। इस प्रकरण में राजा जनक का चित्रकूट आगमन और कोल-किरात सहित सभी का प्रेमपूर्ण मिलन का वर्णन है।
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जनकजी का चित्रकूट आगमन, सबका मिलन