पिता जनक भूपाल मनि ससुर भानुकुल

दोहा ५८ · अयोध्याकाण्ड

दोहा पाठ

पिता जनक भूपाल मनि ससुर भानुकुल भानु। पति रबिकुल कैरव बिपिन बिधु गुन रूप निधानु॥ ५८ ॥

अर्थ

इनके पिता जनकजी राजाओं के शिरोमणि हैं; ससुर सूर्यकुल के सूर्य हैं और पति सूर्यकुलरूपी कुमुदवन को खिलानेवाले चन्द्रमा तथा गुण और रूप के भण्डार हैं।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “राम-कौसल्या संवाद” प्रकरण का दोहा ५८ है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा माता कौसल्या को वनवास का समाचार और धर्म का उपदेश का वर्णन है।

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राम-कौसल्या संवाद