निज निज साजु समाजु बनाई
निज निज साजु समाजु बनाई
चौपाई ४, दोहा १९१ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
निज निज साजु समाजु बनाई। गुह राउतहि जोहारे जाई॥ देखि सुभट सब लायक जाने। लै लै नाम सकल सनमाने॥ ४ ॥
अर्थ
अपना-अपना साज-समाज (लड़ाई का सामान और दल) बनाकर उन्होंने जाकर निषादराज गुह को जोहार की। निषादराज ने सुन्दर योद्धाओं को देखकर, सब को सुयोग्य जाना और नाम ले-लेकर सब का सम्मान किया।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “निषाद की शंका और सावधानी” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १९१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में भरत की सेना देख निषादराज गुह की शंका और सावधानी का वर्णन है।
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निषाद की शंका और सावधानी