महिसुर मंत्री मातु गुर गने लोग

दोहा २४५ · अयोध्याकाण्ड

दोहा पाठ

महिसुर मंत्री मातु गुर गने लोग लिए साथ। पावन आश्रम गवनु किय भरत लखन रघुनाथ॥ २४५ ॥

अर्थ

ब्राह्मण, मन्त्री, माताएँ और गुरु आदि गिने-चुने लोगों को साथ लिये हुए, भरतजी, लक्ष्मणजी और श्रीरघुनाथजी पवित्र आश्रम को चले।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “भरत का चित्रकूट आगमन, मिलन और श्राद्ध” प्रकरण का दोहा २४५ है। इस प्रकरण में भरत का मंदाकिनी स्नान, चित्रकूट आगमन, राम-सीता-लक्ष्मण से करुण मिलन और दशरथ का श्राद्ध का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
भरत का चित्रकूट आगमन, मिलन और श्राद्ध