मागेउ बिदा प्रनामु करि राम लिए

दोहा ३१६ · अयोध्याकाण्ड

दोहा पाठ

मागेउ बिदा प्रनामु करि राम लिए उर लाइ। लोग उचाटे अमरपति कुटिल कुअवसरु पाइ॥ ३१६ ॥

अर्थ

भरतजी ने प्रणाम करके विदा माँगी, तब श्रीरामचन्द्रजी ने उन्हें हृदय से लगा लिया। इधर कुटिल इन्द्र ने बुरा मौका पाकर लोगों का उच्चाटन कर दिया।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “राम द्वारा पादुका प्रदान, भरत की विदाई” प्रकरण का दोहा ३१६ है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा भरतजी को पादुका प्रदान और भरतजी की भावपूर्ण विदाई का वर्णन है।

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राम द्वारा पादुका प्रदान, भरत की विदाई