कृपा करिअ पुर धारिअ पाऊ
कृपा करिअ पुर धारिअ पाऊ
चौपाई ४, दोहा ८८ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
कृपा करिअ पुर धारिअ पाऊ। थापिअ जनु सबु लोगु सिहाऊ॥ कहेहु सत्य सबु सखा सुजाना। मोहि दीन्ह पितु आयसु आना॥ ४ ॥
अर्थ
अब कृपा करके पुर (श्रृंगवेरपुर) में पधारिये और इस दास की प्रतिष्ठा बढ़ाइये, जिससे सब लोग मेरे भाग्य की बड़ाई करें। श्रीरामचन्द्रजी ने कहा--हे सुजान सखा! तुमने जो कुछ कहा सब सत्य है। परन्तु पिताजी ने मुझको और ही आज्ञा दी है।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “शृंगवेरपुर में निषादराज द्वारा सेवा” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ८८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शृंगवेरपुर में निषादराज गुह द्वारा श्रीराम की प्रेमपूर्ण सेवा और भक्तिपूर्ण स्वागत का वर्णन है।
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शृंगवेरपुर में निषादराज द्वारा सेवा