कियउ निषादनाथु अगुआईं
कियउ निषादनाथु अगुआईं
चौपाई १, दोहा २०३ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
कियउ निषादनाथु अगुआईं। मातु पालकीं सकल चलाईं॥ साथ बोलाइ भाइ लघु दीन्हा। बिप्रन्ह सहित गवनु गुर कीन्हा॥ १ ॥
अर्थ
निषादराज को आगे करके पीछे सब माताओं की पालकियाँ चलायीं। छोटे भाई को बुलाकर उनके साथ कर दिया। फिर ब्राह्मणों सहित गुरुजी ने गमन किया।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “भरतजी का प्रयाग, भरद्वाज से संवाद” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २०३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में भरतजी का प्रयाग तीर्थ दर्शन और महर्षि भरद्वाज से भक्तिपूर्ण संवाद का वर्णन है।
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भरतजी का प्रयाग, भरद्वाज से संवाद