जेहिं उपाय पुनि पाय जनु देखै
जेहिं उपाय पुनि पाय जनु देखै
दोहा ३१३ · अयोध्याकाण्ड
दोहा पाठ
जेहिं उपाय पुनि पाय जनु देखै दीनदयाल। सो सिख देइअ अवधि लगि कोसलपाल कृपाल॥ ३१३ ॥
अर्थ
हे दीनदयालु! जिस उपाय से यह दास फिर चरणों का दर्शन करे--हे कोसलाधीश! हे कृपालु! अवधि भर के लिये मुझे वही शिक्षा दीजिये।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “राम द्वारा पादुका प्रदान, भरत की विदाई” प्रकरण का दोहा ३१३ है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा भरतजी को पादुका प्रदान और भरतजी की भावपूर्ण विदाई का वर्णन है।
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राम द्वारा पादुका प्रदान, भरत की विदाई