गए लखनु जहँ जानकिनाथू
गए लखनु जहँ जानकिनाथू
चौपाई १, दोहा ७६ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
गए लखनु जहँ जानकिनाथू। भे मन मुदित पाइ प्रिय साथू॥ बंदि राम सिय चरन सुहाए। चले संग नृपमंदिर आए॥ १ ॥
अर्थ
लक्ष्मणजी वहाँ गये जहाँ श्रीजानकीनाथजी थे, और प्रिय का साथ पाकर मन में बड़े ही प्रसन्न हुए। श्रीरामजी और सीताजी के सुन्दर चरणों की वन्दना करके वे उनके साथ चले और राजभवन में आये।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “दशरथ से विदाई, सीता का अटल निश्चय” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ७६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राम, सीता और लक्ष्मण द्वारा दशरथ से वन-गमन की विदाई और सीता के अटल निश्चय का वर्णन है।
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दशरथ से विदाई, सीता का अटल निश्चय