एक समय सब सहित समाजा

चौपाई १, दोहा २ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

एक समय सब सहित समाजा। राजसभाँ रघुराजु बिराजा॥ सकल सुकृत मूरति नरनाहू। राम सुजसु सुनि अतिहि उछाहू॥ १ ॥

अर्थ

एक समय रघुकुल के राजा दशरथजी अपने सारे समाज सहित राजसभा में विराजमान थे। महाराज समस्त पुण्यों की मूर्ति हैं; उन्हें श्रीरामचन्द्रजी का सुन्दर यश सुनकर अत्यन्त आनन्द हो रहा है।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “राज्याभिषेक की तैयारी, देवताओं की प्रार्थना” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रामराज्याभिषेक की तैयारी और देवताओं द्वारा सरस्वतीजी से वनगमन हेतु प्रार्थना का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
राज्याभिषेक की तैयारी, देवताओं की प्रार्थना