देखी ब्याधि असाध नृपु परेउ धरनि
देखी ब्याधि असाध नृपु परेउ धरनि
दोहा ३४ · अयोध्याकाण्ड
दोहा पाठ
देखी ब्याधि असाध नृपु परेउ धरनि धुनि माथ। कहत परम आरत बचन राम राम रघुनाथ॥ ३४ ॥
अर्थ
राजा ने देखा कि रोग असाध्य है, तब वे अत्यन्त आर्त वाणी से 'हा राम! हा राम! हा रघुनाथ!' कहते हुए सिर पीटकर जमीन पर गिर पड़े।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “दशरथ-कैकेयी संवाद, सुमंत्र का राम को बुलाना” प्रकरण का दोहा ३४ है। इस प्रकरण में दशरथ-कैकेयी संवाद, दो वरों की माँग और सुमंत्र द्वारा श्रीराम को महल में बुलाने का वर्णन है।
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दशरथ-कैकेयी संवाद, सुमंत्र का राम को बुलाना