चित्रकूट रघुनंदनु छाए

चौपाई ३, दोहा १३४ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

चित्रकूट रघुनंदनु छाए। समाचार सुनि सुनि मुनि आए॥ आवत देखि मुदित मुनिबृंदा। कीन्ह दंडवत रघुकुल चंदा॥ ३ ॥

अर्थ

श्रीरघुनाथजी चित्रकूट में आ बसे हैं, यह समाचार सुन-सुनकर बहुत-से मुनि आये। रघुकुल के चन्द्रमा श्रीरामचन्द्रजी ने मुदित हुई मुनिमण्डली को आते देखकर दण्डवत् प्रणाम किया।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “चित्रकूट में निवास, कोल-भीलों द्वारा सेवा” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १३४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में चित्रकूट में श्रीराम के निवास और कोल-भीलों की प्रेमपूर्ण सेवा का वर्णन है।

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चित्रकूट में निवास, कोल-भीलों द्वारा सेवा