भानुबंस भए भूप घनेरे

चौपाई ३, दोहा २५५ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

भानुबंस भए भूप घनेरे। अधिक एक तें एक बड़ेरे॥ जनम हेतु सब कहँ पितु माता। करम सुभासुभ देइ बिधाता॥ ३ ॥

अर्थ

सूर्यवंश में एक-से-एक अधिक बड़े बहुत-से राजा हो गये हैं। सभी के जन्म के कारण पिता-माता होते हैं और शुभ-अशुभ कर्मों का फल विधाता देता है।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “श्रीवसिष्ठजी का भाषण” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २५५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में चित्रकूट की सभा में वसिष्ठजी द्वारा धर्म, मर्यादा और भरत-भक्ति पर दिए गए मार्गदर्शक वचनों का वर्णन है।

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श्रीवसिष्ठजी का भाषण