अस बिचारि गुहँ ग्याति सन कहेउ

दोहा १८९ · अयोध्याकाण्ड

दोहा पाठ

अस बिचारि गुहँ ग्याति सन कहेउ सजग सब होहु। हथवाँसहु बोरहु तरनि कीजिअ घाटारोहु॥ १८९ ॥

अर्थ

ऐसा विचारकर गुह (निषादराज) ने अपनी जाति वालों से कहा कि सब लोग सावधान हो जाओ। नावों को हाथ में (कब्जे में) कर लो और फिर उन्हें डुबा दो तथा सब घाटों को रोक दो।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “निषाद की शंका और सावधानी” प्रकरण का दोहा १८९ है। इस प्रकरण में भरत की सेना देख निषादराज गुह की शंका और सावधानी का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
निषाद की शंका और सावधानी