आरत लोग राम सबु जाना
आरत लोग राम सबु जाना
चौपाई १, दोहा २४४ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
आरत लोग राम सबु जाना। करुनाकर सुजान भगवाना॥ जो जेहि भायँ रहा अभिलाषी। तेहि तेहि कै तसि तसि रुख राखी॥ १ ॥
अर्थ
दया की खान, सुजान भगवान् श्रीरामजी ने सब लोगों को आर्त जाना। तब जो जिस भाव से मिलने का अभिलाषी था, उस-उस का तैसा तैसा रुख रखा।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “भरत का चित्रकूट आगमन, मिलन और श्राद्ध” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २४४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में भरत का मंदाकिनी स्नान, चित्रकूट आगमन, राम-सीता-लक्ष्मण से करुण मिलन और दशरथ का श्राद्ध का वर्णन है।
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भरत का चित्रकूट आगमन, मिलन और श्राद्ध