आजु सुफल तपु तीरथ त्यागू
आजु सुफल तपु तीरथ त्यागू
चौपाई ३, दोहा १०७ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
आजु सुफल तपु तीरथ त्यागू। आजु सुफल जप जोग बिरागू॥ ३ ॥
अर्थ
आज तप सफल हुआ, तीर्थ त्याग भी सफल हुआ। आज जप, योग और वैराग्य भी सफल हुए।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “प्रयाग में भरद्वाज से भेंट” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १०७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में प्रयाग में भरद्वाज मुनि से श्रीराम की भेंट और यमुनातट निवासियों के प्रेम का वर्णन है।
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प्रयाग में भरद्वाज से भेंट