ताल समीप मुनिन्ह गृह छाए
ताल समीप मुनिन्ह गृह छाए
चौपाई ३, दोहा ४० के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड
चौपाई पाठ
ताल समीप मुनिन्ह गृह छाए। चहु दिसि कानन बिटप सुहाए॥ चंपक बकुल कदंब तमाला। पाटल पनस परास रसाला॥ ३ ॥
अर्थ
उस झील (पंपासरोवर) के समीप मुनियों ने आश्रम बना रखे हैं। उसके चारों ओर वन के सुंदर वृक्ष हैं। चम्पा, मौलसिरी, कदम्ब, तमाल, पाटल, कटहल, ढाक और आम आदि--।
संदर्भ
यह अरण्यकाण्ड के “शबरी पर कृपा, नवधा भक्ति” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ४० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शबरी पर प्रभु की कृपा, नवधा भक्ति उपदेश और पंपासर प्रस्थान का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
शबरी पर कृपा, नवधा भक्ति