स्वागत पूँछि निकट बैठारे
स्वागत पूँछि निकट बैठारे
चौपाई ६, दोहा ४१ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड
चौपाई पाठ
स्वागत पूँछि निकट बैठारे। लछिमन सादर चरन पखारे॥ ६ ॥
अर्थ
फिर स्वागत पूछकर पास बैठा लिया। लक्ष्मणजी ने आदर के साथ उनके चरण धोये।
संदर्भ
यह अरण्यकाण्ड के “नारद-राम संवाद” प्रकरण का चौपाई ६, दोहा ४१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में देवर्षि नारद और श्रीराम के बीच भक्ति, नाम-महिमा और दिव्य कृपा के गूढ़ संवाद का वर्णन है।
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नारद-राम संवाद