गावत राम चरित मृदु बानी

चौपाई ५, दोहा ४१ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड

चौपाई पाठ

गावत राम चरित मृदु बानी। प्रेम सहित बहु भाँति बखानी॥ करत दंडवत लिए उठाई। राखे बहुत बार उर लाई॥ ५ ॥

अर्थ

वे कोमल वाणी से प्रेम के साथ बहुत प्रकार से बखान-बखानकर रामचरित का गान कर रहे थे। दण्डवत् करते देखकर श्रीरामचन्द्रजी ने नारदजी को उठा लिया और बहुत देर तक हृदय से लगाये रखा।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “नारद-राम संवाद” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा ४१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में देवर्षि नारद और श्रीराम के बीच भक्ति, नाम-महिमा और दिव्य कृपा के गूढ़ संवाद का वर्णन है।

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नारद-राम संवाद