सीतहि चितइ कही प्रभु बाता

चौपाई ६, दोहा १७ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड

चौपाई पाठ

सीतहि चितइ कही प्रभु बाता। अहइ कुआर मोर लघु भ्राता॥ गइ लछिमन रिपु भगिनी जानी। प्रभु बिलोकि बोले मृदु बानी॥ ६ ॥

अर्थ

सीताजी की ओर देखकर प्रभु श्रीरामचन्द्रजी ने यह बात कही कि मेरा छोटा भाई कुमार है। तब वह लक्ष्मणजी के पास गयी। लक्ष्मणजी उसे शत्रु की बहिन समझकर और प्रभु की ओर देखकर कोमल वाणी से बोले--।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “पंचवटी निवास और राम-लक्ष्मण संवाद” प्रकरण का चौपाई ६, दोहा १७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में पंचवटी निवास में श्रीराम द्वारा लक्ष्मण को ज्ञान, वैराग्य, माया और भक्ति के उपदेश का वर्णन है।

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पंचवटी निवास और राम-लक्ष्मण संवाद