सीता अनुज समेत प्रभु नील जलद
सीता अनुज समेत प्रभु नील जलद
दोहा ८ · अरण्यकाण्ड
दोहा पाठ
सीता अनुज समेत प्रभु नील जलद तनु स्याम। मम हियँ बसहु निरंतर सगुनरूप श्रीराम॥ ८ ॥
अर्थ
हे नीले मेघ के समान श्याम शरीरवाले सगुणरूप श्रीरामजी! सीताजी और छोटे भाई लक्ष्मणजी सहित प्रभु (आप) निरन्तर मेरे हृदय में निवास कीजिये।
संदर्भ
यह अरण्यकाण्ड के “विराध वध और शरभंग प्रसंग” प्रकरण का दोहा ८ है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा विराध वध और शरभंग मुनि को दर्शन देकर परम गति प्रदान करने का वर्णन है।
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विराध वध और शरभंग प्रसंग