सावधान मानद मदहीना

चौपाई ५, दोहा ४५ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड

चौपाई पाठ

सावधान मानद मदहीना। धीर धर्म गति परम प्रबीना॥ ५ ॥

अर्थ

सावधान, दूसरों को मान देनेवाले, अभिमानरहित, धैर्यवान्, धर्म की गति और आचरण में अत्यन्त निपुण,।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “संतों के लक्षण और सत्संग प्रेरणा” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा ४५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में संतों के स्वभाव, विनय, दया और सत्संग-भजन की महिमा का वर्णन है।

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संतों के लक्षण और सत्संग प्रेरणा