सकल मुनिन्ह सन बिदा कराई

चौपाई २, दोहा ३ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड

चौपाई पाठ

सकल मुनिन्ह सन बिदा कराई। सीता सहित चले द्वौ भाई॥ अत्रि के आश्रम जब प्रभु गयऊ। सुनत महामुनि हरषित भयऊ॥ २ ॥

अर्थ

[इसलिये] सब मुनियों से विदा कराकर सीताजी सहित दोनों भाई चले। जब प्रभु अत्रिजी के आश्रम में गये, तो उनका आगमन सुनते ही महामुनि हर्षित हो गये।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “अत्रि मिलन और स्तुति” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अत्रि मुनि द्वारा श्रीराम के आश्रम में स्वागत और भावपूर्ण स्तुति का वर्णन है।

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अत्रि मिलन और स्तुति