रन चढ़ि करिअ कपट चतुराई

चौपाई ७, दोहा १९ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड

चौपाई पाठ

रन चढ़ि करिअ कपट चतुराई। रिपु पर कृपा परम कदराई॥ दूतन्ह जाइ तुरत सब कहेऊ। सुनि खर दूषन उर अति दहेऊ॥ ७ ॥

अर्थ

रण में चढ़कर कपट-चतुराई करना और शत्रु पर कृपा करना (दया दिखाना) तो बड़ी भारी कायरता है। दूतों ने लौटकर तुरंत सब बातें कहीं, जिन्हें सुनकर खर-दूषण का हृदय अत्यन्त जल उठा।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “शूर्पणखा कथा, खर-दूषण वध” प्रकरण का चौपाई ७, दोहा १९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शूर्पणखा की दुष्टता, उसके उकसावे पर खर-दूषण का श्रीराम से युद्ध और उनका संहार का वर्णन है।

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शूर्पणखा कथा, खर-दूषण वध