राम रोष पावक अति घोरा
राम रोष पावक अति घोरा
चौपाई ९, दोहा २९ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड
चौपाई पाठ
राम रोष पावक अति घोरा। होइहि सकल सलभ कुल तोरा॥ उतरु न देत दसानन जोधा। तबहिं गीध धावा करि क्रोधा॥ ९ ॥
अर्थ
श्रीरामजी के क्रोधरूपी अत्यन्त भयानक अग्नि में तेरा सारा वंश पतिंगा [होकर भस्म] हो जायगा। योद्धा रावण कुछ उत्तर नहीं देता। तब गीध क्रोध करके दौड़ा।
संदर्भ
यह अरण्यकाण्ड के “जटायु-रावण युद्ध” प्रकरण का चौपाई ९, दोहा २९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में जटायु द्वारा सीताजी की रक्षा हेतु रावण से वीरतापूर्ण युद्ध और घायल होने का वर्णन है।
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जटायु-रावण युद्ध