राम राम कहि तनु तजहिं पावहिं

दोहा २० (क) · अरण्यकाण्ड

दोहा पाठ

राम राम कहि तनु तजहिं पावहिं पद निर्बान। करि उपाय रिपु मारे छन महुँ कृपानिधान॥ २० (क) ॥

अर्थ

सब 'यही राम है, इसे मारो' इस प्रकार राम-राम कहकर शरीर छोड़ते हैं और निर्वाण (मोक्ष) पद पाते हैं। कृपानिधान श्रीरामजी ने यह उपाय करके क्षण भर में शत्रुओं को मार डाला।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “शूर्पणखा कथा, खर-दूषण वध” प्रकरण का दोहा २० (क) है। इस प्रकरण में शूर्पणखा की दुष्टता, उसके उकसावे पर खर-दूषण का श्रीराम से युद्ध और उनका संहार का वर्णन है।

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शूर्पणखा कथा, खर-दूषण वध