राका रजनी भगति तव राम नाम

दोहा ४२ (क) · अरण्यकाण्ड

दोहा पाठ

राका रजनी भगति तव राम नाम सोइ सोम। अपर नाम उडगन बिमल बसहुँ भगत उर ब्योम॥ ४२ (क) ॥

अर्थ

आपकी भक्ति पूर्णिमा की रात्रि है; उसमें 'राम' नाम यही पूर्ण चन्द्रमा होकर और अन्य सब नाम तारागण होकर भक्तों के हृदय रूपी निर्मल आकाश में निवास करें।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “नारद-राम संवाद” प्रकरण का दोहा ४२ (क) है। इस प्रकरण में देवर्षि नारद और श्रीराम के बीच भक्ति, नाम-महिमा और दिव्य कृपा के गूढ़ संवाद का वर्णन है।

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नारद-राम संवाद