नाना बिधि करि कथा सुहाई

चौपाई ६, दोहा २८ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड

चौपाई पाठ

नाना बिधि करि कथा सुहाई। राजनीति भय प्रीति देखाई॥ कह सीता सुनु जती गोसाईं। बोलेहु बचन दुष्ट की नाईं॥ ६ ॥

अर्थ

रावण ने अनेकों प्रकार की सुहावनी कथाएँ रचकर सीताजी को राजनीति, भय और प्रेम दिखलाया। सीताजी ने कहा--हे यति गोसाईं! सुनो, तुमने तो दुष्ट की तरह वचन कहे।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “श्रीसीता हरण और श्रीसीता विलाप” प्रकरण का चौपाई ६, दोहा २८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रावण द्वारा सीताजी का छलपूर्वक हरण और उनका करुण विलाप का वर्णन है।

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श्रीसीता हरण और श्रीसीता विलाप