तब रावन निज रूप देखावा

चौपाई ७, दोहा २८ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड

चौपाई पाठ

तब रावन निज रूप देखावा। भई सभय जब नाम सुनावा॥ कह सीता धरि धीरजु गाढ़ा। आइ गयउ प्रभु रहु खल ठाढ़ा॥ ७ ॥

अर्थ

तब रावण ने अपना असली रूप दिखलाया और जब नाम सुनाया तब तो सीताजी भयभीत हो गयीं। उन्होंने गहरा धीरज धरकर कहा--“ओरे दुष्ट! खड़ा तो रह, प्रभु आ गये!'।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “श्रीसीता हरण और श्रीसीता विलाप” प्रकरण का चौपाई ७, दोहा २८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रावण द्वारा सीताजी का छलपूर्वक हरण और उनका करुण विलाप का वर्णन है।

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श्रीसीता हरण और श्रीसीता विलाप