कुंद कली दाड़िम दामिनी

चौपाई ६, दोहा ३० के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड

चौपाई पाठ

कुंद कली दाड़िम दामिनी। कमल सरद ससि अहिभामिनी॥ बरुन पास मनोज धनु हंसा। गज केहरि निज सुनत प्रसंसा॥ ६ ॥

अर्थ

कुन्द कली, दाड़िम, दामिनी, कमल, शरद् का चन्द्रमा और नागिनी, वरुण का पाश, मनोज का धनुष, हंस, गज और केहरी--ये सब आज अपनी प्रशंसा सुन रहे हैं।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “राम का विलाप और जटायु प्रसंग” प्रकरण का चौपाई ६, दोहा ३० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सीता-वियोग में राम के विलाप और जटायु को मुक्ति मिलने का वर्णन है।

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राम का विलाप और जटायु प्रसंग